गोरखपुर-भ्रष्ट कोटेदारों पर शिकंजा, डीएम की विशेष टीम ने की छापेमारी, घटतौली और अनियमितता मिलने पर दर्ज होगा केस
गोरखपुर में भ्रष्ट कोटेदारों पर शिकंजा कसने को लेकर डीएम की विशेष टीम ने छापेमारी की है। डीएम की विशेष टीम ने जिले में एक साथ 14 कोटेदारों के सरकारी सस्ते कोटे की दुकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान अचानक से की गई छापेमारी से भ्रष्ट कोटेदारों में हड़कंप मचा है। डीएम की विशेष टीम ने कोटेदारों के वहां मौजूद पात्र लाभार्थियों से घटतौली और अनियमितता को लेकर जानकारी की है। साथ ही कोटेदार द्वारा जारी राशन कार्ड का सत्यापन भी कराया जा रहा है। दरअसल जिले में घटतौली और अनियमितता की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम सदर की अगुवाई में राजस्व टीम का कगठन करने के साथ कोटेदारों के सस्ते राशन की दुकानों पर छापेमारी कराया है। जिले के 14 कोटेदारों के वहां एक साथ छापेमारी किए जाने से हड़कंप मचा है। मीडिया से बातचीत में डीएम विजय किरन आनंद ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ते गल्ले की दुकान के जरिए लोगों को निशुल्क अनाज मुहैया कराया जाता है। लेकिन लगातार भ्रष्ट कोटेदारों के खिलाफ घटतौली और अनियमितता की शिकायत को लेकर छापेमारी का अभियान चलाया गया है। जहां पात्र लाभार्थियों से बातचीत करके घटतौली और अनियमितता की बारे में पूछा गया है। इसके साथ ही राशन कार्ड का सत्यापन कराने को भी कहा गया है। जांच अभियान की टीम की रिपोर्ट आने के बाद आरोपी कोटेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही उनके कोटे को निरस्त किया जाएगा । साथ ही महिला समूह को कोटेदारी देकर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा।
गौरतलब है कि विभागों के भ्रष्टाचार को लेकर जिलाधिकारी काफी गंभीर है। लगातार अभियान चलाकर विभागों के भ्रष्टाचार को उजागर करने के साथ ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रहा है। आपको बता दें कि एक माह के अंदर आरटीओ, रजिस्ट्री के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार को उजागर कराया है। डीएम ने कहा है कि जिले में सरकार की मंशा के अनुसार काम कराने को लेकर लगातार अभियान चलाकर विभागों से भ्रष्टाचार को खत्म किया जाएगा।